11-12-2018 06:52:pm
उत्तर पुस्तिका परीक्षक की राय का दस्तावेज, छात्र को इसकी प्रति देने से इंकार नहीं कर सकते विश्वविद्यालय: मप्र सूचना आयोग || माइन ब्लास्ट, दो जवान शहीद  || ब्रटेन के मंत्री ने दिया इस्तीफा || अफगानिस्तान में 10 आतंकवादी मारे  || ब्रह्मोस और एआरवी सहित 3000 करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी  || असम में इंटरसिटी एक्स. के कोच में धमाका, 11 जख्मी  || कांग्रेस ने फिर मांगी स्ट्रॉन्ग रूम की डेढ़ घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग || चिदंबरम ने जीडीपी पर जश्न के लिए भाजपा का उड़ाया मजाक :  || एक माह में पेट्रोल-डीजल के दाम में 7 रुपए की कमी || भारत के लिए यह सीरीज जीतने का सुनहरा मौका : स्टीव || भारत ए की पारी 323 पर सिमटी, सिराज ने दो विकेट लिए  || जजों की नियुक्ति कॉलेजियम ही करेगा; सरकार की याचिका खारिज  || पंजाब के मंत्री बोले इस्तीफा दें सिद्धू  || राहुल ने कहा- कैसे हिंदू हैं मोदी; सुषमा ने कहा- दुविधा तो आपके धर्म पर है || प्रदर्शन में दिल्ली पहुंचे किसान ने आत्महत्या की || प्रियंका-निक जोनास बने जीवनसाथी || लोकपाल पर 30 जनवरी से अन्ना फिर मैदान में  || कबड्डी खिलाड़ी का करता था पीछा बात करने के लिए बना रहा था दबाव ||

भोपाल। पन्ना नेशनल पार्क के बफर जोन में पर्यटन शुरू किया जा रहा है। संचालक के एस भदौरिया के इस कदम को लेकर एनटीसीए ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किए है। इस संबंध में एनटीसीए ने मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक और पार्क के डायरेक्टर को पत्र भी लिखा है। वन्यजीवी विशेषज्ञों का मानना है कि बफर जोन में टूरिज्म शुरू करना गैरकानूनी है। सूत्रों ने बताया कि पन्ना नेशनल पार्क के बफर जोन में चार बाघों का मूवमेंट देखा गया है। बफर जोन में टूरिज्म शुरु करने के बाद इन बाघों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे है। टूरिज्म शुरु करने पर बाघों का शिकार होने अथवा कहीं अन्यत्र जगह शिफ्ट होने का खतरा बना रहेगा। वैसे भी पन्ना नेशनल पार्क का इतिहास दागदार रहा है। सितम्बर 2010 में दो शावक गायब हो गए थे, जिसका पता आज तक नहीं लगा। इसी प्रकार 2017 में पन्ना नेशनल पार्क में पांच बाघों का शिकार भी हो चुका है। 8 से 9 वर्ष पूर्व जिस तरह पन्ना टाइगर रिजर्व पूर्णत: बाघ विहीन हो चुका था। पार्क संचालकों को यह भी नहीं भूलना चाहिए 2007 में पन्ना नेशनल पार्क बाघ विहीन हो गया था।

बफर जोन में टूरिज्म को लेकर अफसरों में मतभेद

वर्तमान में एनटीसीए में पदस्थ अफसर नहीं चाहते कि बफर जोन में टूरिज्म शुरु नहीं किया जाए। इस संबंध में एनटीसीए ने पत्र भी लिखा है। एनटीसीए ने पत्र में पन्ना नेशनल पार्क में सुरक्षा के इंतजाम पर सवाल उठाए है। इसके पहले भी पन्ना नेशनल पार्क में शिकार होते रहे है। पार्क के बफर जोन में टूरिज्म शुरु करने संबंधित विवाद कोई नया नहीं है। इसके पहले बफर जोन में निर्माण कार्य और टूरिज्म शुरु करने के मुद्दे पर तत्कालीन पीसीसीएफ एचएस नेगी और ईको पर्यटन बोर्ड के तत्कालीन सीईओ विनय वर्मन के बीच भी विवाद हो चुका है।

peoplessamachar
NEWS EXPRESS

0

 
कौन कर्जदार नहीं, लोन इस जमाने की जरूरत किसानों की खुदकुशी पर बोले मंत्री || पीठासीन अधिकारियों ने आधी-अधूरी डायरी और फॉर्म भरकर जमा कर दिए || फोरम के आदेश-राशि वापस करो या जेल जाने को तैयार रहो || बहू को दहेज के लिए सताया, पति सहित तीन फंसे || आठ दिसंबर को लोक अदालत || नवविवाहिता छत से गिरी, मौत || धोखाधड़ी कर वृद्धा के जेवर लेकर फरार हुए आरोपियों की तलाश || टावर पर चढ़कर किसान कर रहे 7 दिनों से प्रदर्शन || एकतरफा प्यार में आशिक ने इंस्टाग्राम पर अपलोड किए युवती के अश्लील फोटो || साहब...बच्चियों का सौतेला पिता ही हैवान बन गया है, इन्हें किसी आश्रम में रखवा दीजिए || पश्चिम : मतदान 70फीसदी पार, हितकारणी स्कूल में कई बार खराब हुई ईव्हीएम || पहले किया मतदान फिर169 बेटिकट यात्रियों को दबोचा || 71.63 % मतदाताओं ने डाले वोट, 8 नए विधायकों का भाग्य ईवीएम में कैद || लोकतंत्र की नींव मजबूत करने युवाओं में दिखा जोश || मतदाताओं ने की 89 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद || 50 घंटे बाद खुली दुकानें,सुरा प्रेमियों ने ली राहत की सांस ||
© Copyright 2016 By Peoples Samachar.