11-12-2018 08:14:pm
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इंदौर। सरकारी महकमे ने पांच रुपए थाली की पंगत जमाई, लेकिन गरीब लोग थाली से किनारा कर गए। झाबुआ टॉवर और गंगवाल बस स्टैंड के रैनबसेरा में सरकारी कर्मचारी सस्ती थाली की पंगत तो लगाते हैं, लेकिन जिमने वाले नदारद हैं। बीते एक पखवाड़े में किसी गरीब ने रैनबसेरा की थाली नहीं जिमी है। अब निगम अमला थाली में पकवानों का स्वाद बदलकर गरीबों को रिझाने की पहल करने पर विचार कर रहा है। साल 2016 में पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष की जयंती पर महापौर मालिनी गौड़ ने शहर के तीन रैनबसेरा सरवटे बस स्टैंड, गंगवाल बस स्टैंड और झाबुआ टॉवर पर दीनदयाल रोटी योजना शुरू की। योजना में रैनबसेरा में विश्राम करने वालों को भोजन देना प्रस्तावित किया। मात्र पांच रुपए में यहां ठहरने वाले गरीबों को दाल, रोटी, चावल और सब्जी परोसी जाने लगी। बाहरी व्यक्तियों को भी पांच रुपए की रसीद कटाने पर खाना दिया जाता है। शुरुआती दिनों में लोगों ने इसका भरपूर फायदा उठाया। बाद में प्रचार-प्रसार के अभाव में खाने वालों का टोटा पड़ गया। हालत यह हो गई कि योजना को विराम देने पर विचार होने लगा। पीछे हटी सामाजिक संस्थाएं निगम की मंशा थी कि शहर के शेष रहे रैनबसेरों में भी न्यूनतम दामों पर भोजन उपलब्ध करा दिया जाए। इसके लिए सामाजिक संगठनों से सहयोग मांगा, लेकिन अभी तक कोई सामाजिक संगठन इस अनुकरणीय कार्य में सहभागी बनने आगे नहीं आया। यही कारण है कि धीरे-धीरे योजना को बंद करने की इच्छा निगम जता रहा है।

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