22-11-2017 07:28:am
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जबलपुर। नगर निगम के शहर में 5 स्कूल संचालित हैं। इन पांचों स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने की कवायद बीते कुछ सालों से जारी है इसका परिणाम भी नजर आ रहा है। स्कूलों की दशा में सुधार हुआ है,भले ही यह संतोषजनक न हो मगर यहां के विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर बढ़ा है। फिलहाल स्मार्ट सिटी ने शहर के 20 स्कूलों को स्मार्ट बनाने का प्लान तैयार किया है इसके लिए पहले चरण में नगर निगम के 5 स्कूलों की 20 क्लासों का चयन किया गया है। स्मार्ट सिटी ने इसका जिम्मा बीएसएनएल को सौंपा है। जिसके बाद से बीएसएनएल इसकी तैयारियों में जुटगया है। गौरतलब है कि शिक्षा उपकर से नगर निगम को हर साल 10 से 12 करोड़ रुपए प्राप्त हो रहा है मगर इसे बजाय शिक्षा में खर्च करने के अन्यत्र खर्च किया जाता है। यह व्यवस्था यदि सुधर जाए तो इसमें दो मत नहीं कि नगर निगम के स्कूल किसी भी निजी स्कूल को टक्कर दे सकते हैं।

ये हैं 5 स्कूल

नगर निगम के एलएन यादव स्कूल रांझी, ग्वारीघाट उच्चतर माध्यमिक शाला, गोविन्दगंज उच्चतर माध्यमिक शाला,तिलवारा घाट उच्चतर माध्यमिक शाला और घमापुर उच्चतर माध्यमिक शाला हैं। इन स्कूलों में एक वक्त ऐसा भी था जबकि गरीब से गरीब लोग अपने बच्चों को नहीं पढ़ाने तैयार होते थे। बीते कुछ सालोंमें हालात बदले हैं और शिक्षा के स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि अब पांचों स्कूलों में छात्रों की संख्या अच्छी खासी है। बोर्ड परीक्षाओं में भी रिजल्ट अच्छा आ रहा है।

कैसी होंगी स्मार्ट क्लास

पीपुल्स संवाददाता ने गोविन्दगंज कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला पहुंचकर स्कूल का निरीक्षण किया तो यह स्कूल किसी भी निजी स्कूल से कमतर नहीं दिखा। यहां पर स्मार्ट क्लास के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पहले चरण में यहां स्कूल भवन में विद्युतिकरण फिटिंग का कार्य हुआ है। प्राचार्य मिथिलेश चौधरी ने बताया कि एलईडी स्क्रीन व कम्प्यूटर से शिक्षण कार्य जल्द होगा। वहीं लैब को भी अत्याधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।

रिजल्ट में हुआ सुधार

उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या 318 है। स्कूल में नए भवन की जरूरत है। फिलहाल तो विगत नवंबर 2016 में आग से क्षतिग्रस्त 3 कमरों की जगह नए निर्माण के टेण्डर हुए हैं। यहां पर कक्षा नवमी से बारहवीं तक की छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। गत वर्ष यानि 2016-17 के सत्र में कक्षा 12 वीं में कामर्स विषय की18 में से 14 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी अंक प्राप्त किए थे,वहीं कला संकाय में 7 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी के अंक प्राप्त किए थे। इसी तरह कक्षा दसवीं में 67 में से 15 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में अंक प्राप्त किए थे। यहां पर स्टॉफ के नाम पर प्राचार्य सहित 2 पूर्णकालिक शिक्षक हैं तथा 13 अतिथि शिक्षक हैं। यहां पर छात्राओं से वर्ष में एक बार मात्र 560 रुपए फीस ली जाती है,बाद में 1रुपए भी उनसे किसी भी तरह नहीं लिया जाता।

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