22-11-2017 11:44:pm
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तेहरान। 7.3 तीव्रता वाले भूकंप ने ईरान- इराक के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। कुछ ही पलों में बेघर हुए हजारों लोग खुले में सर्द रातें बिताने को मजबूर हैं। दो रोज से करमनशाह में रात का तापमान लगातार गिरता जा रहा है। इस भूकंप के चलते मरने वालों में से 450 लोग ईरान के और 10 इराक के हैं, वहीं 7,156 से ज्यादा लोग घायल हैं। इधर 1980 में हुए युद्ध के बाद दोबारा स्थापित इरान और इराक की सीमा पर स्थानीय समयानुसार रविवार रात 9.48 मिनट पर आए भूकंप के बाद इलाके में तबाही का मंजर है। इमारतों के मलबे से राहतकर्मी लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे दिन की थकान के बाद सोने की तैयारी कर रहे लोगों को 7.3 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके ने हिला दिया। करमनशाह के पश्चिमी इरानी प्रात में सारपोल-ए-जहाब के कुर्दिश शहर में सबसे बदतर हालात हो गए जो जागरोस पर्वत पर है। यह दो देशों को विभाजित करता है।1111राष्ट्रपति रूहानी ने किया दौरा, कहा निजी घर बच गए, सरकारी इमारतें गिर गईं1111इलाके का दौरा करने आए राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बताया कि निजी बिल्डरों के मुकाबले सरकारी घरों को ज्यादा नुकसान हुआ है और इन घरों को बनाने के लिए जिÞम्मेदार लोगों से जवाब तलब करने के बाद इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों का बुरा हाल : कस्र-एशिरी न गांव में भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। 42 साल के अली गुलानी ने बताया, हम लोग टेंट में रह रहे हैं। हमारे पास खाना और पानी नहीं है। भूख-प्यास से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे मां-बाप से चिपककर गर्म रहने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक 200 झटके : भूकंप के बाद हर घंटे औसतन 3 बड़े झटके आए, भूकंप को दुनिया में इस साल आए सबसे खतरनाक भूकंपों में माना जा रहा है। भूकंप के बाद भी तकरीबन 200 झटके महसूस किए गए। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसायटी की मंसूरी बघेरी ने बताया कि करीब 12 हजार रिहायशी इमारतें जमींदोज हो गई हैं।

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