22-07-2018 08:25:pm
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इंदौर। गुरुवार दोपहर भारी संख्या में आए किसानों ने अपनी मांगों को लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण का घेराव किया। किसानों का कहना था कि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करने पर वे उग्र आंदोलन करेंगे। बाद में आईडीए पदाधिकारियों को किसानों ने ज्ञापन भी सौंपा। युवा किसान सेना के अनुसार आईडीए द्वारा अधिग्रहित जमीनों का उचित मुआवजा और विकसित जमीन देने के अपने वादे को पूरा नहीं करने ये घेराव किया गया। युवा किसान सेना के सुनील चौधरी ने बताया कि आईडीए ने अपने प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों की जमीनें अधिग्रहित की हैं। अधिग्रहण के समय आईडीए ने किसानों को जमीन के बदले जमीन या फिर उचित मुआवजा देने की बात कही थी। कई सालों बाद भी आईडीए अपने किसी भी वादे को पूरा करती नजर नहीं आ रही है। ना ही किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है और ना ही जमीन। जो जमीन दी भी गई है, वहां कोई विकास नहीं दिख रहा है। इन सभी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में किसान जंजीरा वाला चौराहे से रैली के रूप में आईडीए दμतर पहुंचे और मामले में जल्द समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है। वही मामले में आईडीए जिम्मेदारों का कहना हैं कि यह मामला माननीय न्यायालय में लंबित हैं। हम लोग इस मामले में आपसी समझौते के आधार पर कार्य करने के लिए तैयार हैं। आईडीए ने कई प्रोजेक्ट के लिए किसानों से ली है जमीन - युवा किसान सेना के सुनील चौैधरी ने बताया कि आईडीए के एमआर- 10 में आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल), निरंजनपुर, राऊ सहित कई जगह पर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसके लिए कई एकड़ जमीन किसानों से ली गई है। जमीन अधिग्रहण के समय जमीन मालिकों को विकसित प्लॉट देने के साथ ही उचित मुआवजे की बात कही गई थी। इनमें से ऐसे कई प्रोजेक्ट हैं, जो सालों पुराने हैं। इसमें आईएसबीटी बनाने का प्रस्ताव ही करीब 7 साल पहले का है। इसके लिए करीब 22 किसानों की जमीन ली गई थी।

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