22-07-2018 08:28:pm
टीवी, फ्रिज, एसी समेत 17 चीजें अब 28 से 18% टैक्स के दायरे में || भीड़ तंत्र बेकाबू: अलवर में फिर गो-तस्करी के संदेह में हत्या || सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में दर्ज कराए बयान  || मोदी बोले-अविश्वास की वजह पूछी तो गले पड़ गए || कार्यकर्ताओं को शाह का मंत्र, रोज 18 घंटे काम करें  || प्रो. त्यागी द्वारा निर्मित लघु फिल्म का राष्ट्रपति भवन में होगा प्रदर्शन || अब ममता ने दिया भाजपा भारत छोड़ो का नया नारा  || वॉट्सएप बताएगा, कौन सी लिंक संदिग्ध है  || ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल लंबी खिंची तो बढ़ेंगे सब्जियों के दाम || राहुल गांधी के भाषण पर फिदा हुए शॉटगन || बैंकों से 20,995 करोड़ लेकर दो दर्जन से अधिक पूंजीपति हुए चम्पत || ऑनलाइन टिकट बुक कराना होगा और महंगा ||

भोपाल    राज्य सरकार ने 2015 में बुंदेलखंड के छात्रों के लिए छतरपुर में महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विवि को खोल तो दिया किन्तु तीन वर्ष बाद भी न तो विवि का अपना भवन है और न ही टीचिंग स्टाफ। चिंताजनक बात तो यह है कि विवि की भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) से सम्बद्धता नहीं होने के कारण इससे जुड़े सागर संभाग के कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश के बाहर बड़े संस्थाओं में अपनी आगे की पढ़ाई और नौकरी के लिए अपात्र घोषित कर दिया जा रहा है। इससे पीड़ित एक छात्रा ने विवि के कुल सचिव को पत्र लिखा है। इसके अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और यूसीजी के चेयरमैन को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा को व्यक्त किया है। यह स्थिति तब सामने आई जब सागर की एक छात्रा ने पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली विवि में पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए आॅनलाइन आवेदन का प्रयास किया तो पोर्टल पर डली एआईयू की सूची में छतरपुर विवि का नाम शामिल नहीं होने के कारण वह आवेदन ही नहीं कर सकी। यही नहीं, इस छात्रा ने हजारों रूपए खर्च कर बेंगलुरु की क्राईस्ट युनिवर्सिटी तथा हैदराबाद की फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी में रिटर्न टेस्ट देने के पहले ही उन्हें अपात्र घोषित कर दिया है। छात्रा ने अपनी आप बीती 15 मई को प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग और छतरपुर विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।

चार साल से विश्वविद्यालय को नहीं मिला बजट

शासन द्वारा पिछले 4 वर्षों में बजट में कोई राशि भी नहीं दी गई है जिस कारण इस विश्वविद्यालय में शिक्षा और शोध की गतिविधियां भी अब तक शुरू नहीं हो सकी है। प्रदेश भाजपा सरकार की इस लापरवाही के कारण छतरपुर में खोला गया विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के केंद्र के बजाय महज परीक्षा आयोजित करने वाला संस्थान बनकर रह गया है।छतरपुर में खोले गए राज्य विश्वविद्यालय में आज दिनांक तक शैक्षणिक पदों की भर्ती नहीं की जा सकी है।

peoplessamachar
NEWS EXPRESS

0

 
विदिशा के विकास शवों को नि:शुल्क पहुंचाते हैं मुक्तिधाम, अब 9 भाषाओं में वीडियो जारी कर दूसरों को भी जोड़ रहे || जेब काटते हुए रंगे हाथ पकड़े गए तो हवलदार पर चाकू से किया हमला, तीन को दबोचा || अवैध बैनरऔर कटआउट जब्त डॉक्टर पर 5 हजार का जुर्माना || जेल से बाहर लाए तीन बदमाशों ने कबूलीं वारदातें  || सीएम के एक क्लिक से 46 हजार बच्चों को मिली लैपटॉप की राशि  || जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज का 28 किमी काम बाकी  || मजाक बन कर रह गर्इं ननि सदन की जांच समितियां  || युवती को भगाकर सूरत ले गया, दुराचार के बाद छोड़कर भागा || थमे ट्रकों के पहिए, एंट्रेंस प्वाइंटों पर ट्रांसपोर्टर्स की टीमें रहीं मौजूद || करोड़ों का चूना लगने पर लेखाधिकारी नहीं दे पाए जवाब  || आरक्षण चार्ट पेपरलैस वर्क योजना हुई फेल || जमीन संबंधी मामला सुलझाने शोरुम पर पहुंचे, झगड़ा हुआ तो शोरुम तोड़ा  || लाखों की स्मैक के साथ तस्कर पकड़ा  || प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलवाला: कटारे  || सरपंच पुत्र दे रहा था फोटो वायरल करने की धौंस || लाखों रुपए की हीरे की दो चूड़ियां और नकदी चुराने वाला नौकर गिरफ्तार ||
© Copyright 2016 By Peoples Samachar.