20-08-2018 07:54:pm
वावरिंका को हरा फेडरर सिनसिनाटी मास्टर्स के सेमीफाइनल में पहुंचे || भारतीय नौका चालक भोकानल की निगाहें स्वर्ण पदक पर || 16 साल की मनु भाकर पर रहेगा स्वर्णिम शुरुआत का दारोमदार || तेजस्वी ने मांगा एक और मंत्री का इस्तीफा || 11 साल की लड़की को अगवा कर किया गैंगरेप  || उप्र की 163 नदियों में विसर्जित की जाएंगी वाजपेयी की अस्थियां || ‘अपनी शाम अपनी जिंदगी के नाम’ करें कर्मचारी || आर्थिक संकट में पाक सरकार || सीमा पार से घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम || नरेंद्र दाभोलकर मर्डर केस में एक हमलावर गिरफ्तार || बाढ़-बारिश से कर्नाटक का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न || 70 गौवंश को भरकर जा रहा ट्रक पकड़ाया, कई की मौत ||

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि अगले तीन दशकों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति भारतीय अर्थव्यवस्था की चाल से तय होगी। आईएमएफ ने कहा कि आने वाले समय में भारत की भूमिका वही होगी, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीन की रही है। हालांकि इसके लिए भारत को कई सारे बड़े सुधारों को अमली जामा पहनाना होगा। आईएमएफ में भारत के मिशन चीफ रानिल साल्गाडो ने 2.6 ट्रिल्यन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था को ऐसा हाथी बताया जिसने दौड़ना शुरू कर दिया है। आईएमएफ के अनुसार भारत मार्च 2019 तक 7.3 फीसदी और उसके बाद 7.5 फीसदी की रμतार से विकास करेगा। उन्होने कहा, भारत (पीपीपी के आधार पर) वैश्विक अर्थव्यवस्था में 15 फीसद का योगदान दे रहा है जो काफी ज्यादा है। भारत युवाओं का देश साल्गाडो ने कहा, भारत युवाओं का देश है और अभी उसके पास करीब तीन दशकों का समय है, जब उसकी यह आबादी कम होना शुरू होगी और यह काफी लंबा समय है। एशिया में यह भारत का समय है और कुछ ही अन्य एशियाई देश हैं, जिनके पास ऐसी स्थिति है।

जीएसटी को और आसान बनाने की अपील

हालांकि उन्होंने भारत में लागू की गई जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) को ज्यादा आसान बनाए जाने की वकालत की है। जीएसटी को ''शानदार आर्थिक सुधार'' बताते हुए आईएमएफ ने इसे और आसान बनाए जाने की वकालत की है। एजेंसी का कहना है कि टैक्स स्लैब को कम और आसान किए जाने से इसका पालन करने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी और साथ ही इस पर किए जाने वाले खर्च में भी कमी आएगी, जिसका फायदा सरकार को होगा।

चीन और अमेरिका से पीछे है भारत

साल्गाडो ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूमिका के मामले में भारत बस चीन और अमेरिका से ही पीछे है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की तरक्की का असर इसलिए ज्यादा नहीं क्योंकि यह बहुत खुली अर्थव्यवस्था नहीं है।

आर्थिक सुधारों का मिला है लाभ

साल्गाडो के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था 2016 के आखिर में लगे दो झटके नोटबंदी व जीएसटी से उबर रही है। अब ग्रोथ में तेजी आ रही है। हकीकत में भारत को उसकी आर्थिक नीतियों और आर्थिक सुधारों का फायदा मिल रहा है।

जीएसटी में दो स्लैब रखने का दिया सुझाव

साल्गाडो ने कहा, जीएसटी अभी भी जटिल टैक्स सिस्टम बना हुआ है, जिसमें ज्यादा दरें व छूट शामिल हैं, जिसे और आसान किया जा सकता है। उन्होंने जीएसटी में दो स्लैब रखने का सुझाव दिया है। इसमें एक कम व एक अधिक दर वाली होनी चाहिए। इससे राजस्व को तटस्थ बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भारत में हैं जीएसटी के चार टैक्स स्लैब

भारत दुनिया के उन पांच देशों में शामिल है जहां जीएसटी की चार और उससे अधिक दरें हैं। भारत के जीएसटी में पांच फीसदी, 12%, 18% और 28 % का टैक्स स्लैब शामिल हैं। हाल ही में जीएसटी काउंसिल की हुई बैठक में 28% वाले स्लैब में शामिल अधिकांश वस्तुओं को निचले स्लैब में डाला जा चुका है।

peoplessamachar
NEWS EXPRESS

0

 
दोबारा होगा फ्लाई ओवर का आॅन लाइन ग्लोबल टेंडर || आयुर्वेद कॉलेज छात्रों ने की भूख हड़ताल || प्रचार के लिए शासकीय संपत्तियों पर ‘माननीयों ’का कब्जा! || 3 हजार मकानों को हटाने का दारोमदार राजस्व अमले पर || सीएम हेल्पलाइन : निगमायुक्त ने 2 घंटे बैठकर जानी हकीकत || डेंगू-चिकनगुनिया का हमला, हजारों चपेट में || केन्ट पार्षद व ड्राफ़्ट मैन के बीच विवाद, नोटिस दिया || नेत्रहीन नाबालिग को अगवा कर रहे बदमाश का विरोध किया तो सिर पर तलवार मारी || बांध का जल स्तर नहीं हो रहा कम, खुले है पांच गेट || निगम ने कई स्थानों से हटाए अवैध बैनर, होर्डिंग्स व पोस्टर || अपोलो हॉस्पिटल इंदौर ने डायल 22 लांच की, इन-पेशेंट केयर का स्तर बढ़ाया || सुल्तानगढ़ हादसा: 40 लोगों की जान बचाने वाले जांबाजों का सम्मान || छह जुआरियों से तेईस हजार 300 रुपए जब्त || 4 हड़ताली छात्रों की हालत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती || डकैती की साजिश रचते हथियार सहित पांच गिरफ्तार || विस चुनाव तक नहीं बनेगी घमापुर-रांझी फोरलेन रोड || इंजीनियरिंग की आधी से ज्यादा सीटें खाली, 6 कॉलेजों में एडमिशन जीरो ||
© Copyright 2016 By Peoples Samachar.