20-08-2018 07:52:pm
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जबलपुर।   विक्टोरिया अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए जनरेट पर्ची सिस्टम में विभागीय कर्मी उलझ कर रह गए हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को जांच पर्ची बनवाने घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बताया गया है कि मरीजों की ओपीडी के लिए भरा जाने वाला जांच पर्चा लंबा हो गया है इससे पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। बताया गया है कि विक्टोरिया अस्पताल ने अपनी वेबसाइट बनाई है। इसकी प्रायोगिक शुरुआत हो गई है। इसमें मुख्य समस्या ये आ रही है कि इसमें कर्मी प्रशिक्षित नहीं हुए और इस पर काम शुरू कर दिया गया। इससे जांच पर्चियां बनने में समय लग रहा है। दो दिनों से ओपीडी में इसकी प्रायोगिक शुरूआत हुई है।

ये औपचारिकताएं बढ़ीं

पहले आॅफ लाइन जांच पर्चियों में मरीजों का नाम व पता दर्ज होता था। अब ओपीडी काउंटर को हाईटेक कर दिया गया है। इसमें पर्ची बनाने के लिए मरीज का नाम, मोबाइल नंबर, उम्र, पता व अन्य विवरण दर्ज करना पड़ रहे हैं। इसलिए एक पर्ची बनाने में 3 से 4 मिनिट लग रहा है।

कम्प्यूटर पर फीड हो रही जानकारी

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. एसके पांडे ने कहा कि आॅन लाइन पर्ची बनाने से मरीज की पूरी जानकारी कम्प्यूटर पर फीड हो जाती है। इससे मरीजों की बीमारी और अन्य जानकारी अपडेट हो जाती है। जल्द ही यह प्रक्रिया सरल हो जाएगी। फिलहाल सिर्फ महिला व पुरुष के 2 ही काउंटर हैं।

दर्ज होगा अस्पताल का डाटा

कायाकल्प अभियान के तहत बनाए गए पोर्टल में अस्पताल का सारा डाटा दर्ज होगा। इसमें मरीज अस्पताल में हेल्थ सर्विसेज के लिए रिसोर्स पर्सन से संपर्क कर सकेगा। वहीं डेंगू व मलेरिया की बीमारियों के लिए अलर्ट और उपलब्ध दवाओं की जानकारी मिलेगी।

खामियाजा भुगत रहे मरीज

हाईटेक पर्ची बनाने में विलंब का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। लोगों का कहना है कि आॅन लाइन पर्ची की प्रक्रिया में टाइम लगने से ओपीडी खत्म हो जाती है और मरीज जांच नहीं करा पा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि ओपीडी का समय खत्म होने पर डाक्टर नहीं मिल पाते हैं।

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