20-08-2018 07:55:pm
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सांवेर ।  क्षेत्र के धतुरिया गांव के किसानों के कलेक्टर सामने पहुंचने के बाद अब सांवेर क्षेत्र के उन गांवों के किसान भी अपने हक के लिए जागे हैं, जिन गांवों के किसानों को फसल बीमा के लाभ से वंचित रख दिया गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को पंचौला, मुकाता, मालाखेड़ी और खामोद के किसानों का दल भी सांवेर एसडीएम के पास आवेदन लेकर पहुंचा और वही शिकायत की कि फसल बीमा योजना में उनके और उनके समीप के गांव के किसानों के साथ हुई नाइंसाफी हुई है। आवेदन में कहा गया है कि किसानों को नुकसानी के अनुपात में बीमा योजना के तहत जो क्षतिपूर्ति राशि मंजूर की गई है, वह सरासर धोखा है। पड़ोसी गांव में तो मिला है बीमा क्लेम ग्राम पंचायत पंचौला से संबद्ध गांव मालाखेड़ी मुकाता और पंचौला के किसानों दिनेश खरे, फूलसिंह पंवार, निहालसिंह चौधरी, सरदारसिंह चौधरी, रुगनाथसिंह सिसोदिया, मनोहरसिंह मकवाना, जगन्नाथ मकवाना आदि का दल गुरुवार को सांवेर तहसील कार्यालय पहुंचा और एसडीएम बिहारीसिंह को एक आवेदन देकर बताया कि इन तीनों गांवों के किसानों को भी फसल बीमा का लाभ नहीं मिला है। इनके बाद खामोद कमल्या गांव के किसानों का दल जयपालसिंह राठौर, रणवीरसिंह राठौर, याकूब खां, बाबूसिंह, अमजद खां, राजेन्द्रसिंह, नृपेन्द्रसिंह राठौर, हनीफ खां आदि भी एसडीएम के पास आवेदन लेकर पहुंचे और वही शिकायत की कि उनके गांव में भी किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जबकि पड़ोस के गांव के किसानों को भले ही कम या ज्यादा मिला, मगर बीमा का क्लेम तो मिला ही तो है। किसानों को नहीं मिला आश्वासन भी आवेदन देकर लौटे इन किसानों की शिकायत यह है कि एसडीएम ने बजाय उन्हें कोई संतोषजनक आश्वासन देने के यह कहकर निराश किया है कि तुम्हारे गांव की अनावरी ज्यादा आई होगी तो बीमा का क्लेम कैसे मिलेगा? एसडीएम के इस रवैये से तो अब आगे हम किसानों की उम्मीद ही खत्म हो गई है, जबकि बैंकें और सहकारी साख संस्थाएं फसल के लिए ऋण देते समय साढ़े तीन प्रतिशत की दर से फसल बीमा अनिवार्य रूप से किसानों के खातों से काट चुकी थी और गत वर्ष सांवेर क्षेत्र के ही अन्य गांवों के समान ही हमारे गांवों में भी सोयाबीन फसल विलंब से बोवनी और फिर अवर्षा या अतिवृष्टि से खराब हुई थी, जिसका फसल बीमा का लाभ पड़ोसी गांव में तो मिल रहा है और हम वंचित रखे गए हैं।

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