22-07-2018 08:29:pm
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इंदौर कॉलेज गोइंग गर्ल्स के साथ ही वर्किंग गर्ल्स व महिलाओं को इंडोवेस्टर्न आउटफिट्स ज्यादा पसंद आ रहे हैं। वे वर्क प्लेस को कंफर्ट के साथ ही स्मार्ट लुक के लिए डिजाइनर क्लॉदिंग को ज्यादा महत्व दे रही हैं। पिछले दिनों शहर आई डिजाइनर अदिति फरबदा का कहना है कि डिजाइनरर्स में फैशन की समझ होना जरूरी है। क्योंकि फैशन को ट्रेंड के अनुसार प्रेंजेट करना ही डिजाइनिंग है। ड्रेस डिजाइनर्स का मानना है कि फैशन को हिट कराना है तो फोकस यंग जनरेशन पर ही करना होता है, क्योंकि कॉलेज और ऑफिस गोइंग गर्ल्स में वेस्टर्न आउटफिट को बहुत अधिक पसंद किया जाता है। इन्हें यदि ट्रेडिशनल के साथ मिक्स कर दिया जाए, तो एक नया लुक मिलता है, जो गर्ल्स को पसंद आता है। अब गर्ल्स इंडोवेस्टर्न फॉर्मेट में तैयार नए ड्रेसेस ट्राय करने में किसी भी प्रकार का परहेज भी नहीं करती है। डिजाइनर प्रियंका सिंह का कहना है कि बुटिक के दौरान उन्होंने शहर के फैशन पोर्टफोलियो को लेकर रिसर्च किया। इसके बाद उन्होंने सिर्फ वेस्टर्न आउटफिट को ही डिजानिंग क्राइटेरिया बताया। क्योंकि डिजाइनिंग में हर दिन कुछ न कुछ नया आता ही रहता है। इसलिए कोशिश यही की जाती है कि इनोवेशन की गुंजाइश रखी जाए।

डेवलपिंग सिटी फैशन इन डिमांड

शहर अब देश के मेट्रोसिटीज के जैसा डेवलप होता जा रहा है। इसलिए फैशन भी डिमांड में आने लगा है। इसमें खास तौर पर गर्ल्स में वेस्टर्न आउटफिट के फेवरेबल होने के चलते कई ट्रेंड में चेंज होते जा रहे हैं। इसलिए अब वेस्टर्न में गर्ल्स यूनिक ड्रेसेस फाइड करती नजर आ रही हैं।

ड्रेस में अफोर्डेबिलिटी जरूरी

ड्रेस भले ही डिजाइनर ही क्यों न हो, लेकिन अफोर्डेबिलिटी होना बहुत जरूरी है। इसलिए ड्रेस को एक कॉमन रेंज से शुरू करती हूं, ताकि हर फैशनेबल कॉलेज गोइंग गर्ल्स इसे प्रिफर कर सके। ड्रेस को ऐसे डिजाइन किया जाता है कि उसकी कम कास्ट हो।

फैब्रिक, फिटिंग और फैशन का कॉम्बिनेशन

शहर के स्थानीय डिजाइनर डिजाइनिंग में फैब्रिक, फैशन और फिटिंग का कॉम्बिनेशन युवाओं को प्रोवाइड कर सकें, इसके लिए वे जार्जट, नेट और लाइफ्रा का उपयोग करती हैं। इसके साथ ही रंगों में ब्राइट कलर्स के साथ फ्लावर प्रिंट का सिलेक्शन कर ड्रेसेस को अट्रेक्टिव बनाती है।

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